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जानिठओसीडी (OCD) का दिमाग पर कà¥à¤¯à¤¾ असर पड़ता है
ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (ओसीडी), कà¥à¤¯à¤¾ आप इस डिसऑरà¥à¤¡à¤° के शिकार है? कà¥à¤¯à¤¾ आपका अपने दिमाग पर नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं बन पा रहा है? यदि हां तो, यहां आपको अपने सà¤à¥€ सवालों के उतà¥à¤¤à¤° मिल जाà¤à¤‚गे। यहां आपको ओसीडी यानी ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (OCD) किस तरह आपके दिमाग को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है उसके बारे में बताया गया है।
ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (ओसीडी) कà¥à¤¯à¤¾ है?
ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (OCD) यह à¤à¤• चिंता विकार है, जो आपके दिमाग में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ विचारों से होती है। यह वो विचार हैं, जिनके बारे में लगातार सोचते रहने से या तो यह आपकी आदत बन जाती है या फिर आपके डर का रूप ले लेती है। इस विकार से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को समठमें नहीं आता है कि उसके दिमाग में जो विचार आ रहें हैं वो सही à¤à¥€ हैं या नहीं। इस दौरान दिमाग में आने वाले विचारों को अनदेखा करने और रोकने के लिठआप पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकते है, लेकिन यह पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ केवल आपके तनाव व चिंता को और बढ़ा देते हैं। à¤à¤¸à¤¾ होने पर आप खà¥à¤¦ को तनाव पूरà¥à¤£ महसूस करते हà¥à¤ à¤à¤• ही कारà¥à¤¯ को बार-बार करने के लिठबाधà¥à¤¯ हो जाते हैं।
ओसीडी (मनोगà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बाधà¥à¤¯à¤¤à¤¾ विकार) के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
ओसीडी के लकà¥à¤·à¤£ हर इंसान में अलग-अलग दिखते हैं। इस बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ दिखने वाले लकà¥à¤·à¤£-
शरीर की गंदगी या कीटाणà¥à¤“ं का डर
अपने आप को या किसी और को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने का डर होना
बार-बार नहाना, हाथ धोना या दांतों को साफ करना
शरीर की दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§ को छिपाने के लिठवसà¥à¤¤à¥à¤“ं का अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना
चीजों को बार-बार साफ करना, सीधा करना या कà¥à¤°à¤® में लगाना
लगातार कà¥à¤› धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ या संखà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को सोचना
बार-बार गिनती करना
इस डर के साथ रहना कि कà¥à¤› à¤à¤¯à¤¾à¤¨à¤• होगा
बॉडी की दà¥à¤°à¥à¤—नà¥à¤§/सà¥à¤°à¤¾à¤µ
किसी विशिषà¥à¤Ÿ कारà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अतिसंवेदनशीलता
बà¥à¤°à¥‡ विचारों को सोचने या कà¥à¤› शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी वाला कारà¥à¤¯ करने का डर
कपड़ों की बार-बार जिप या बटन को बार चेक करना
लाइट, अलमारी या दरवाजों को बार-बार चेक करना की वे बंद हैं या नहीं
कà¥à¤› शारीरिक गतिविधियों को दोहराना, जैसे कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ पर बैठकर उठना आदि।
ऊपर बताठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के अलावा à¤à¥€ ओसीडी के के अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिख सकते हैं।
ओसीडी (मनोगà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बाधà¥à¤¯à¤¤à¤¾ विकार) के कारण
यह मानसिक विकार (ओसीडी) कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है? इसके बारे में अà¤à¥€ पूरी तरह से पता नहीं लग पाया है। लेकिन, à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि ओसीडी होने के निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारण हो सकते हैं-
ओसीडी आपके शरीर में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रासायनिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में बदलाव का परिणाम हो सकता है।
ओसीडी होने का à¤à¤• कारक अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिकता हो सकती है। लेकिन अà¤à¥€ तक à¤à¤¸à¤¾ कोई विशिषà¥à¤Ÿ जीन (gene) की पहचान नहीं की गई है जिससे ओसीडी का सीधा समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§ हो।
संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे कà¥à¤› परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ कारक à¤à¥€ ओसीडी की वजह माने जाते हैं लेकिन अà¤à¥€ अधिक शोध की आवशà¥à¤¯à¤•ता है।
ओसीडी का दिमाग पर कà¥à¤¯à¤¾ असर होता है?
ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ कंपलà¥à¤¸à¤¿à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤° का असर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के दिमाग पर होता है। जैसे कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ सोने से पहले अपने घर के दरवाजे को अचà¥à¤›à¥‡ से बंद करके उसमें ताला लगा कर सोता है, इस à¤à¤¯ से कि कहीं कोई चोर उसके घर में न आ जाà¤à¥¤ यह à¤à¤• आम चिंता है लेकिन, यदि वही वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ चोरों के à¤à¤¯ से रात à¤à¤° यह सोचता रहे कि कहीं उसने ताला ठीक तरह से लगाया या नहीं और कई बार उठकर चेक करे, तो यह à¤à¤• विकार है, जिसे हम ओसीडी बोलते हैं।
इस बीमारी में आप वही करते हैं, जो आपका दिमाग उस वकà¥à¤¤ आपको करने को कहता है। जैसे, यदि आपके मन में à¤à¤• बार इस बात का à¤à¤¯ बैठजाठकि आपके हाथ में छà¥à¤ªà¥‡ हà¥à¤ जरà¥à¤®à¥à¤¸ होते हैं, तो आपका दिमाग आपको हर काम के बाद हाथ धोने के लिठमजबूर करता है और आप करते हैं।
हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को चिंता या बà¥à¤°à¥‡ खà¥à¤¯à¤¾à¤² आते हैं पर ऑबà¥à¤¸à¥‡à¤¸à¤¿à¤µ विचार आपके दिमाग को à¤à¤• जगह रोक देते हैं, मतलब आपका दिमाग उस विचार से आगे नहीं बढ़ पाता। इससे होती है à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥¤ इसके बाद फिर वही खà¥à¤¯à¤¾à¤² आपके दिमाग में बार-बार आने लगते हैं। à¤à¤¸à¥‡ विचारों को आप जितना दबाने की कोशिश करते हैं, यह उतने ही बढ़ते हैं।
ओसीडी से कैसे करें बचाव?
à¤à¤¸à¥‡ विचारों को दूर करने के लिठआपको अपने मन को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤— बनाना होता है। आपको बार-बार उस काम को करने से खà¥à¤¦ को रोकना होता है, जिससे आपका दिमाग दूसरी ओर जाने लगता है और आप धीरे-धीरे इस से बाहर निकल सकते हैं।
ओसीडी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने की वजह से आपको अपने विचारों से à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ (anxiety) और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ (stress) होने लगता है, जो आपके दिमाग पर दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालते हैं। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हताश और निराश à¤à¥€ महसूस करने लगता है। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ इतनी बार à¤à¤• ही काम को सोचता और करता है कि वो खà¥à¤¦ पर से अपना नियंतà¥à¤°à¤£ खो देता है।
यह आपके लिठबहà¥à¤¤ ही निराशाजनक और थकावट à¤à¤°à¤¾ हो सकता है। आपको खà¥à¤¦ पर गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ à¤à¥€ आता है, पर आपको अपना धैरà¥à¤¯ नहीं खोना है।
यदि आप इस डिसऑरà¥à¤¡à¤° से खà¥à¤¦ को मà¥à¤•à¥à¤¤ करना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको अपने दिमाग और मन दोनों को यह विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ दिलाना होगा कि यह कोई कलंकित बीमारी नहीं है। यह à¤à¤• आम बीमारी है, जिसके बारे में बात करने से आपकी निंदा नहीं होगी। तà¤à¥€ आप इसके बारे में खà¥à¤² के बात कर पाà¤à¤‚गे।
जब आप इस डिसऑरà¥à¤¡à¤° से खà¥à¤¦ को बाहर निकाल लें, तो आप अपनी इस जानकारी को दूसरों के साथ सांà¤à¤¾ करें, ताकि दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को आपके à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¥€à¤°à¤¿à¤à¤‚स से लाठमिल सके।
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